State Bjp Chief Says Recent Pfi Crackdown Suggests Bihar Became Home To Huge Network Of Sleeper Cell - फुलवारी शरीफ मामला: Bjp प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा बयान, बोले- बिहार बन गया था स्लीपर सेल के नेटवर्क का अड्डा

Javed Ashraf
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राजधानी में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के नेटवर्क का हाल ही में पर्दाफाश होने से संकेत मिलता है कि बिहार में स्लीपर सेल का एक बड़ा नेटवर्क था। पटना के फुलवारीशरीफ में पीएफआई से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के बाद इस संबंध में बोलते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने ये बातें कही। 

राज्य स्लीपर सेल के एक बड़े नेटवर्क का अड्डा 
उन्होंने कहा कि मैं इस हद तक नहीं जाऊंगा कि बिहार आतंकियों का सॉफ्ट टारगेट बन गया है, लेकिन हाल के घटनाक्रम से पता चलता है कि राज्य स्लीपर सेल के एक बड़े नेटवर्क का अड्डा था। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने समय पर काम किया और उस नेटवर्क को खत्म कर दिया, जो बिहार को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के एक अड्डा (हब) में बदल रहा था। 

इससे पहले राज्य के मंत्री और जद (यू) के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य की जनता पूरी तरह से सुरक्षित है। इस सरकार में कानून तोड़ने की कोशिश करने वाले को बख्शा नहीं जाता है। 

पीएम से बीजेपी के नफरत फैलाने वालों पर लगाम लगाने की अपील  
वहीं, दूसरी ओर अल्पसंख्यक समुदाय के वंचित वर्गों के हितों की पैरवी करने वाली संस्था अखिल भारतीय पसमांदा मुस्लिम महाज ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है। उन्होंने पीएम से बीजेपी के नफरत फैलाने वालों पर लगाम लगाने की अपील की है। 

संगठन के संस्थापक और प्रमुख अली अनवर अंसारी ने पीएम को लिखे अपने खुले पत्र में, हाल ही में हैदराबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दलितों को लामबंद करने के उद्देश्य से स्नेह यात्रा के लिए मोदी के आह्वान का जिक्र करते हुए कहा कि आपको पसमांदा के बारे में बात करते हुए सुनकर सुखद आश्चर्य हुआ, लेकिन पसमांदा मुसलमान समानता और गरिमा चाहते हैं, ‘स्नेह’ नहीं। 

इसमें उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि अब तक सच्चर समिति की सिफारिशों को लागू नहीं किया गया। गौरतलब है कि देश में मुस्लिम समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा 2005 में सच्चर समिति का गठन किया गया था। इसकी अध्यक्षता दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजिंदर सच्चर ने की थी।

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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राजधानी में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के नेटवर्क का हाल ही में पर्दाफाश होने से संकेत मिलता है कि बिहार में स्लीपर सेल का एक बड़ा नेटवर्क था। पटना के फुलवारीशरीफ में पीएफआई से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के बाद इस संबंध में बोलते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने ये बातें कही। 

राज्य स्लीपर सेल के एक बड़े नेटवर्क का अड्डा 

उन्होंने कहा कि मैं इस हद तक नहीं जाऊंगा कि बिहार आतंकियों का सॉफ्ट टारगेट बन गया है, लेकिन हाल के घटनाक्रम से पता चलता है कि राज्य स्लीपर सेल के एक बड़े नेटवर्क का अड्डा था। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने समय पर काम किया और उस नेटवर्क को खत्म कर दिया, जो बिहार को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के एक अड्डा (हब) में बदल रहा था। 

इससे पहले राज्य के मंत्री और जद (यू) के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य की जनता पूरी तरह से सुरक्षित है। इस सरकार में कानून तोड़ने की कोशिश करने वाले को बख्शा नहीं जाता है। 

पीएम से बीजेपी के नफरत फैलाने वालों पर लगाम लगाने की अपील  

वहीं, दूसरी ओर अल्पसंख्यक समुदाय के वंचित वर्गों के हितों की पैरवी करने वाली संस्था अखिल भारतीय पसमांदा मुस्लिम महाज ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है। उन्होंने पीएम से बीजेपी के नफरत फैलाने वालों पर लगाम लगाने की अपील की है। 

संगठन के संस्थापक और प्रमुख अली अनवर अंसारी ने पीएम को लिखे अपने खुले पत्र में, हाल ही में हैदराबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दलितों को लामबंद करने के उद्देश्य से स्नेह यात्रा के लिए मोदी के आह्वान का जिक्र करते हुए कहा कि आपको पसमांदा के बारे में बात करते हुए सुनकर सुखद आश्चर्य हुआ, लेकिन पसमांदा मुसलमान समानता और गरिमा चाहते हैं, ‘स्नेह’ नहीं। 

इसमें उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि अब तक सच्चर समिति की सिफारिशों को लागू नहीं किया गया। गौरतलब है कि देश में मुस्लिम समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा 2005 में सच्चर समिति का गठन किया गया था। इसकी अध्यक्षता दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजिंदर सच्चर ने की थी।



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