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बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। ईडी (ED) ने उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) के बेलघरिया के रथतला स्थित फ्लैट पर रेड मारकर भारी मात्रा में नकदी जब्त की है। वहीं ईडी ने नकदी समेत अन्य जब्त सामान को ले जाने के लिए ट्रक भी मंगा लिया है।
वहीं सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें दो हजार और पांच सौ के नोटों का अंबार लगा है साथ ही कुछ पैकेट भी हैं जिसमें नोट भरे हैं और पास बैठा एक आदमी नोटों को गिन रहा है साथ में गड्डी बना रहा है। बताया जा रहा है कि ईडी को अब तक यहां 20 करोड़ कैश और तीन किलो सोना मिला है।
#WATCH | West Bengal: Hugh amount of cash, amounting to at least Rs 15 Crores, recovered from the residence of Arpita Mukherjee at Belgharia.
She is a close aide of West Bengal Minister Partha Chatterjee. pic.twitter.com/7MMFsjzny1
— ANI (@ANI) July 27, 2022
चार मशीन मंगाई
भारी मात्रा में कैश मिलने के बाद ईडी के बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने पैसे गिनने के लिए चार मशीन मंगावाई है। इससे पहले भी अर्पिता के फ्लैट से पहले 20 करोड़ मिले थे। इस तरह अब तक करीब 40 करोड़ रुपये बरामद हो चुके हैं।
पैसे गिनने के लिए पांच बैंककर्मी बुलाए गए
पैसा मिलने के बाद ईडी (ED) ने तुरंत बैंक से संपर्क किया और पैसों की गिनती के लिए अधिकारियों की मांग की। जानकारी के मुताबिक अब तक घटनास्थल पर पांच बैंककर्मी पहुंचकर पैसा गिनना शुरू कर दिया है।
ईडी के 14 अधिकारी मौके पर पहुंचे
जैसे ही अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) के फ्लैट का ताला तोड़कर ईडी के अधिकारी अंदर गए और जांच शुरू की तो पैसों का पहाड़ देखकर उनके होश उड़ गए। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी ईडी के उच्चाधिकारियों को दी। तुरंत ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी और अन्य अधिकारी फ्लैट पर पहुंच गए। अभी तक ईडी के 14 अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
पार्थ चटर्जी के सहयोगी के घर नगदी मिलना पार्टी का अपमान
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने बुधवार को उम्मीद जताई कि पार्टी जनता को ध्यान में रखते हुए कदम उठाएगी क्योंकि उनके सहयोगी के घर से नकदी की बरामदगी पार्टी के लिए अपमान है और हम सभी के लिए शर्म की बात है। वहीं अब पार्थ चटर्जी की कैबिनेट मंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।