"rashtrapatni" Row: Adhir Ranjan Chowdhury Foul Language Against President, Bjp Catch The Issue - "rashtrapatni" Row: अधीर रंजन चौधरी ने सत्ता पक्ष को थमाया मुद्दा, भाजपा ने संसद से सड़क तक किया विरोध

Javed Ashraf
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सत्ता पक्ष को मुद्दा थमा दिया है। भाजपा ने कांग्रेस को महिला विरोधी बताते हुए संसद में इसका कड़ा विरोध किया है और सड़क पर उतरकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया है। पार्टी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से माफी मांगने के लिए कहा है। संसद में महंगाई और ईडी के मामलों पर पिछड़ रही भाजपा को अधीर रंजन चौधरी के बयान से ताकत मिल गई है और वह कांग्रेस पर हमलावर हो गई है।

विपक्ष लगातार महंगाई के मुद्दे पर सत्ता पक्ष से चर्चा की मांग कर रहा था। लेकिन अलग-अलग कारणों से इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पा रही थी, जिससे यह संकेत जा रहा था कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने से भाग रही है। साथ ही, देश के अलग-अलग हिस्सों में विपक्ष के नेताओं पर ईडी की कार्रवाई हो रही है। इससे भी विपक्ष को सरकार का विरोध करने का नैतिक बल मिल रहा था। लेकिन अधीर रंजन चौधरी के एक बयान ने पूरा पासा पलट दिया है। अब भाजपा हमलावर हो गई है और विपक्ष बैकफुट पर है।

बैकफुट पर आई भाजपा को मिली संजीवनी

भाजपा ने राष्ट्रपति पद के लिए एक आदिवासी महिला को सामने लाकर स्वयं को महिला हितैषी होने और आदिवासी हितों की रक्षक करार देने का रणनीतिक संकेत देने की कोशिश की थी। वह विपक्षी दलों को आदिवासियों की कम हितैषी करार देने की रणनीति पर काम कर रही थी। चूंकि, राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार के पहले विपक्ष का उम्मीदवार सामने आ चुका था, लिहाजा एनडीए विपक्ष पर बड़ा हमला नहीं कर पाया, लेकिन अधीर रंजन चौधरी के बयान ने केंद्र को वह अवसर उपलब्ध करा दिया है।

हालांकि, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान पर माफी मांग ली है, लेकिन भाजपा हाथ में आया मुद्दा छोड़ना नहीं चाहेगी और वह इसके बल पर पूरे संसद सत्र में विपक्ष को घेरने का काम करेगी।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपनी बेटी द्वारा गोवा में कथित तौर पर गलत आधार पर रेस्टोरेंट चलाने का लाइसेंस लेने के कारण बैकफुट पर थीं, लेकिन चौधऱी के बयान ने उन्हें भी अवसर उपलब्ध करा दिया है। स्मृति ईरानी ने लोकसभा में कांग्रेस पर करारा हमला करते हुए कहा है कि कांग्रेस का चरित्र महिला विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान केवल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे एक महिला और आदिवासी हैं। उन्होंने कहा कि देश यह अपमान स्वीकार नहीं करेगा और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

दिल्ली भाजपा ने किया प्रदर्शन

कांग्रेस नेता के बयान का विरोध सड़कों पर भी किया जा रहा है। दिल्ली प्रदेश भाजपा ने चौधरी के बयान के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष के महिला होने के बाद भी उनकी पार्टी के नेता देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान महिला का अपमान कर रहे हैं। इससे कांग्रेस नेताओं की असलियत सामने आ जाती है।

अधीर रंजन ने मांगी माफी

हालांकि, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान पर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा है कि हिंदी भाषी क्षेत्र का न होने के कारण उन्होंने गलती से राष्ट्रपति के लिए गलत शब्दों का चयन कर लिया। लेकिन उनका इरादा किसी को चोट पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गलती का तुरंत एहसास हो गया था कि उनके शब्द चयन में गलती हुई। इसके बाद उन्होंने इसे मीडिया में जारी न करने के लिए कहा था, लेकिन इसे जारी कर दिया गया जिससे यह हंगामा खड़ा हो गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि वे महिलाओं का पूरा सम्मान करते हैं। वे आदिवासी समुदाय का भी पूरा सम्मान करते हैं और उनकी गलती को एक शब्द में हुई चूक समझा जाना चाहिए।

विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सत्ता पक्ष को मुद्दा थमा दिया है। भाजपा ने कांग्रेस को महिला विरोधी बताते हुए संसद में इसका कड़ा विरोध किया है और सड़क पर उतरकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया है। पार्टी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से माफी मांगने के लिए कहा है। संसद में महंगाई और ईडी के मामलों पर पिछड़ रही भाजपा को अधीर रंजन चौधरी के बयान से ताकत मिल गई है और वह कांग्रेस पर हमलावर हो गई है।

विपक्ष लगातार महंगाई के मुद्दे पर सत्ता पक्ष से चर्चा की मांग कर रहा था। लेकिन अलग-अलग कारणों से इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पा रही थी, जिससे यह संकेत जा रहा था कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने से भाग रही है। साथ ही, देश के अलग-अलग हिस्सों में विपक्ष के नेताओं पर ईडी की कार्रवाई हो रही है। इससे भी विपक्ष को सरकार का विरोध करने का नैतिक बल मिल रहा था। लेकिन अधीर रंजन चौधरी के एक बयान ने पूरा पासा पलट दिया है। अब भाजपा हमलावर हो गई है और विपक्ष बैकफुट पर है।

बैकफुट पर आई भाजपा को मिली संजीवनी

भाजपा ने राष्ट्रपति पद के लिए एक आदिवासी महिला को सामने लाकर स्वयं को महिला हितैषी होने और आदिवासी हितों की रक्षक करार देने का रणनीतिक संकेत देने की कोशिश की थी। वह विपक्षी दलों को आदिवासियों की कम हितैषी करार देने की रणनीति पर काम कर रही थी। चूंकि, राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार के पहले विपक्ष का उम्मीदवार सामने आ चुका था, लिहाजा एनडीए विपक्ष पर बड़ा हमला नहीं कर पाया, लेकिन अधीर रंजन चौधरी के बयान ने केंद्र को वह अवसर उपलब्ध करा दिया है।

हालांकि, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान पर माफी मांग ली है, लेकिन भाजपा हाथ में आया मुद्दा छोड़ना नहीं चाहेगी और वह इसके बल पर पूरे संसद सत्र में विपक्ष को घेरने का काम करेगी।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपनी बेटी द्वारा गोवा में कथित तौर पर गलत आधार पर रेस्टोरेंट चलाने का लाइसेंस लेने के कारण बैकफुट पर थीं, लेकिन चौधऱी के बयान ने उन्हें भी अवसर उपलब्ध करा दिया है। स्मृति ईरानी ने लोकसभा में कांग्रेस पर करारा हमला करते हुए कहा है कि कांग्रेस का चरित्र महिला विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान केवल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे एक महिला और आदिवासी हैं। उन्होंने कहा कि देश यह अपमान स्वीकार नहीं करेगा और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

दिल्ली भाजपा ने किया प्रदर्शन

कांग्रेस नेता के बयान का विरोध सड़कों पर भी किया जा रहा है। दिल्ली प्रदेश भाजपा ने चौधरी के बयान के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष के महिला होने के बाद भी उनकी पार्टी के नेता देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान महिला का अपमान कर रहे हैं। इससे कांग्रेस नेताओं की असलियत सामने आ जाती है।

अधीर रंजन ने मांगी माफी

हालांकि, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान पर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा है कि हिंदी भाषी क्षेत्र का न होने के कारण उन्होंने गलती से राष्ट्रपति के लिए गलत शब्दों का चयन कर लिया। लेकिन उनका इरादा किसी को चोट पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गलती का तुरंत एहसास हो गया था कि उनके शब्द चयन में गलती हुई। इसके बाद उन्होंने इसे मीडिया में जारी न करने के लिए कहा था, लेकिन इसे जारी कर दिया गया जिससे यह हंगामा खड़ा हो गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि वे महिलाओं का पूरा सम्मान करते हैं। वे आदिवासी समुदाय का भी पूरा सम्मान करते हैं और उनकी गलती को एक शब्द में हुई चूक समझा जाना चाहिए।



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