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बिहार की राजधानी पटना स्थित फुलवारी शरीफ टेरर मामले की जांच की मंजूरी मिलते ही एनआईए की टीम एक्शन में आ गई है। एनआईए(NIA) ने शुक्रवार देर रात इस मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। बता दें कि एनआईए ने शुक्रवार रात गृह मंत्रालय (एमएचए) के काउंटर टेररिज्म एंड काउंटर रेडिकलाइजेशन डिवीजन द्वारा जारी 22 जुलाई के आदेश के बाद यह कदम उठाया है। पटना टेरर मॉड्यूल मामले का खुलासा हाल ही में बिहार पुलिस ने PFI समूह के साथ कथित संबंधों और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की उनकी योजना के लिए तीन लोगों की गिरफ्तारी के साथ किया था।
दरभंगा के रहने वाले हैं तीन आरोपी
दरभंगा के एसएसपी अवकाश कुमार ने बताया कि पीएफआई मामले के तीन आरोपी दरभंगा के रहने वाले हैं। इनमें से एक नूरुद्दीन जंगी को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। बिहार पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की थी। कुमार ने कहा कि वे पटना पुलिस के लगातार संपर्क में हैं। तीनों की पहचान दरभंगा जिले के उर्दू बाजार के नूरुद्दीन जंगी के अलावा शंकरपुर के मुस्तकीम और सनाउल्लाह उर्फ अकीब के रूप में हुई है। ये तीनों पीएफआई से जुड़े हुए हैं।
झारखंड के एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को भी किया गया था गिरफ्तार
झारखंड के एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मोहम्मद जलालुद्दीन और अतहर परवेज को 13 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ इलाके से गिरफ्तार किया गया था, जबकि नूरुद्दीन जंगी को तीन दिन बाद उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने बिहार पुलिस के अनुरोध पर लखनऊ से गिरफ्तार किया था।
अब तक पांच लोग गिरफ्तार
इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पटना पुलिस ने फुलवाशरीफ से अतहर परवेज और मोहम्मद जलालुद्दीन को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मरगूब दानिश, अरमान मलिक और शब्बीर आलम को अरेस्ट किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में झारखंड के एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मोहम्मद जल्लाउद्दीन और स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के एक पूर्व सदस्य अतहर परवेज शामिल हैं। एएसपी फुलवारीशरीफ मनीष कुमार ने इसकी जानकारी दी थी कि कुल 26 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।