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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्य सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा ने बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अग्निवीर उम्मीदवारों से जाति विवरण मांगे जाने वाले बयान को खारिज कर दिया। राजनाथ ने मंगलवार को कहा था कि इस तरह का ब्योरा पहले भी मांगा गया था और सशस्त्र बलों में संविदा भर्ती की नई प्रणाली में पुराना प्रावधान जारी है।
हालांकि, खुद एक पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे कुशवाहा रक्षा मंत्री के उस बयान से नाखुश दिखे और इसे कुतर्क करार दिया। जद (यू) के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष कुशवाहा ने अपने ट्विटर हैंडल पर राजनाथ सिंह के बयान की एक अखबार की क्लिपिंग साझा करते हुए कहा, माननीय मंत्री, सवाल यह नहीं है कि जाति और धर्म के विवरण मांगने की प्रथा कब शुरू हुई। सीधा सवाल यह है कि इस तरह के प्रावधान की पहली जगह में क्या प्रासंगिकता है? इस प्रावधान को रखने के लिए यह कुतर्क क्यों है जबकि कानूनों को भी अप्रचलन के आधार पर खत्म कर दिया जा रहा है।
बता दें कि बिहार में हिंसक विरोध के साथ हुई ‘अग्निपथ’ योजना ने केंद्र पर शासन करने वाली और राज्य में सत्ता साझा करने वाली भाजपा और उसके सबसे बड़े सहयोगी जद (यू) के बीच दरार को उजागर कर दिया है।