Cbi Arrests Bhola Yadav, Then Osd Of Former Railway Minister Lalu Prasad Yadav Railways Job Scam - रेलवे भर्ती घोटाला: लालू के ओएसडी रहे भोला यादव गिरफ्तार, बिहार में चार जगहों पर Cbi की छापेमारी जारी

Javed Ashraf
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केंद्रीय जांच एजेंसी(CBI) ने आज पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के तत्कालीन ओएसडी भोला यादव को नौकरी के लिए जमीन लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। बिहार में पटना और दरभंगा में चार जगहों पर तलाशी जारी है। भोला यादव 2004 से 2009 तक लालू यादव के ओएसडी रहे थे। लालू यादव उस वक्त के रेल मंत्री थे और यह घोटाला भी उसी समय का है।  भोला यादव को ही इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

नौकरी देने के बदले जमीन लेने का आरोप
दरअसल, ये मामला साल 2004-2009 के रेलवे भर्ती घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि लालू यादव जब रेल मंत्री थे तब उस समय नौकरी के बदले जमीन देने के लिए कहा जाता था। चूंकि, पैसे लेने में रिस्क था इसलिए नौकरी के बदले जमीन ही ली जाती थी। वहीं इस तरह के अवैध काम को अंजाम देने के लिए लालू के उस समय के OSD भोला यादव को ही जिम्मेदारी दी गई थी।

लालू के हनुमान माने जाते हैं भोला यादव 
दरअसल, भोला यादव लालू यादव के बेहद करीबी हैं। साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में वह बहादुरपुर सीट से विधायक चुने गए थे। हालांकि, 2020 के विधानसभा चुनाव में वे हायाघाट सीट से हार गए थे। उनको लालू का हनुमान कहा जाता है और तेजस्वी के भी काफी नजदीकी माने जाते हैं। लालू की बीमारी से लेकर जेल और कोर्ट-कचहरी हर जगह वो साया की तरह उनके साथ रहते हैं। भी हाल में पारस अस्पताल से लेकर दिल्ली एम्स तक उनके साथ थे।

तेजप्रताप को बिल्कुल पसंद नहीं हैं भोला यादव 
बता दें कि तेजप्रताप यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि पापा को परिवार और बिहार की जनता की जरूरत है ना कि चापलूसों की। कुछ बाहरवाले लोग खुद को मुंह मिया मिठ्ठू बता रहे है, भोला भाला बन पिताजी की सेवा का दिखावा कर रहा. ऐसे कपटी और पाखंडी को जल्द बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। तेजप्रताप यादव ने भोला यादव पर लालू को गीता पाठ पढ़ने से रोकने का भी आरोप लगाया था। 

मई में CBI ने की थी छापेमारी
बता दें कि सीबीआई ने मई के तीसरे सप्ताह में इसी मामले में लालू के परिजनों से जुड़े 17 ठिकानों पर सीबीआई छापेमारी की थी। सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई ने राजद सुप्रीमो के खिलाफ रेलवे भर्ती घोटाले को लेकर नया केस भी दर्ज किया था।

राजद ने सीबीआई को तोता बताया था
सीबीआई छापों को लेकर राजद ने तंज करते हुए जांच एजेंसी को तोता बताया था।  राजद प्रवक्ता आलोक मेहता ने कहा था कि यह एक सशक्त आवाज को कुचलने का प्रयास है। यह पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है। उधर, लालू यादव के भाई प्रभुनाथ यादव ने कहा था कि एक बीमार व्यक्ति को जानबूझकर इस तरह परेशान किया जा रहा है। इस कार्रवाई के पीछे कौन है, यह सबको पता है।  

विस्तार

केंद्रीय जांच एजेंसी(CBI) ने आज पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के तत्कालीन ओएसडी भोला यादव को नौकरी के लिए जमीन लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। बिहार में पटना और दरभंगा में चार जगहों पर तलाशी जारी है। भोला यादव 2004 से 2009 तक लालू यादव के ओएसडी रहे थे। लालू यादव उस वक्त के रेल मंत्री थे और यह घोटाला भी उसी समय का है।  भोला यादव को ही इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

नौकरी देने के बदले जमीन लेने का आरोप

दरअसल, ये मामला साल 2004-2009 के रेलवे भर्ती घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि लालू यादव जब रेल मंत्री थे तब उस समय नौकरी के बदले जमीन देने के लिए कहा जाता था। चूंकि, पैसे लेने में रिस्क था इसलिए नौकरी के बदले जमीन ही ली जाती थी। वहीं इस तरह के अवैध काम को अंजाम देने के लिए लालू के उस समय के OSD भोला यादव को ही जिम्मेदारी दी गई थी।

लालू के हनुमान माने जाते हैं भोला यादव 

दरअसल, भोला यादव लालू यादव के बेहद करीबी हैं। साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में वह बहादुरपुर सीट से विधायक चुने गए थे। हालांकि, 2020 के विधानसभा चुनाव में वे हायाघाट सीट से हार गए थे। उनको लालू का हनुमान कहा जाता है और तेजस्वी के भी काफी नजदीकी माने जाते हैं। लालू की बीमारी से लेकर जेल और कोर्ट-कचहरी हर जगह वो साया की तरह उनके साथ रहते हैं। भी हाल में पारस अस्पताल से लेकर दिल्ली एम्स तक उनके साथ थे।

तेजप्रताप को बिल्कुल पसंद नहीं हैं भोला यादव 

बता दें कि तेजप्रताप यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि पापा को परिवार और बिहार की जनता की जरूरत है ना कि चापलूसों की। कुछ बाहरवाले लोग खुद को मुंह मिया मिठ्ठू बता रहे है, भोला भाला बन पिताजी की सेवा का दिखावा कर रहा. ऐसे कपटी और पाखंडी को जल्द बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। तेजप्रताप यादव ने भोला यादव पर लालू को गीता पाठ पढ़ने से रोकने का भी आरोप लगाया था। 

मई में CBI ने की थी छापेमारी

बता दें कि सीबीआई ने मई के तीसरे सप्ताह में इसी मामले में लालू के परिजनों से जुड़े 17 ठिकानों पर सीबीआई छापेमारी की थी। सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई ने राजद सुप्रीमो के खिलाफ रेलवे भर्ती घोटाले को लेकर नया केस भी दर्ज किया था।

राजद ने सीबीआई को तोता बताया था

सीबीआई छापों को लेकर राजद ने तंज करते हुए जांच एजेंसी को तोता बताया था।  राजद प्रवक्ता आलोक मेहता ने कहा था कि यह एक सशक्त आवाज को कुचलने का प्रयास है। यह पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है। उधर, लालू यादव के भाई प्रभुनाथ यादव ने कहा था कि एक बीमार व्यक्ति को जानबूझकर इस तरह परेशान किया जा रहा है। इस कार्रवाई के पीछे कौन है, यह सबको पता है।  



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